SEO of Blog
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जितने à¤à¥€ हमारे Bloggers à¤à¤¾à¤ˆ हैं उनको generally SEO of Blog के बारे में जानकारी होती है, लेकिन यदि हम बात करते हैं new blogger(beginners) की जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अà¤à¥€-अà¤à¥€ पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¶à¤¨à¤² बà¥à¤²à¥‰à¤—िंग को अपना carriear माना है तो उनके लिठआज का पोसà¥à¤Ÿ बहà¥à¤¤ ही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ important होने वाला है तो चलिठहम देखते हैं आखिर यह SEO होता कà¥à¤¯à¤¾ है?
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SEO
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SEO का fullform होता है search engine optimization. यह à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ processहै जिसका use करके आप अपने blog को curretn search engine में improve करा सकते हैं।
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Blogger blog बनाता है और उसको अपने वेबसाइट में अपलोड कर देता हैं। अपलोड करने के बाद गूगल के à¤à¤²à¥à¤—ोरिथà¥à¤® के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उसके content को देखकर गूगल उसको टॉप सरà¥à¤š में रखता है तà¤à¥€ काम आता है हमारा SEO.
       SEO का simple meaning है आपके आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¤² को गूगल के पेज में top rank में ranking कराना।
आज हम जानेंगे कि अपने पेज का SEO हम लोग कैसे करते हैं? और हमारे पेज को rank कैसे करवाते हैं?
Types of SEO:-
1. On Page SEOÂ
2. Off Page SEOÂ
3. Technical SEO
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1. On Page SEOÂ :-
      On Page SEO , SEO का वह part होता है जो à¤à¤• बà¥à¤²à¥‰à¤—र के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अपने पेज को control करना हैं। On Page SEO के अंतरà¥à¤—त हम कंटà¥à¤°à¥‹à¤²à¤°(controler) रहते हैं इसमें high quality keyword, title, tags, meta, description, और subheads आते है। .on page SEO को करना बहà¥à¤¤ ही आसान होता है यदि आप अपने कंटेंट की feature or designing को समठजाते हैं तो आप on page SEO के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अपने पेज को गूगल के टॉप रैंकिंग में ला सकते हैं ।
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2. Off Page SEOÂ :-
      Off Page SEO के अंतरà¥à¤—त google के algorithm काम में आते हैं यह हमारे control से बाहर होता है इसमें गूगल अपना à¤à¤²à¥à¤—ोरिदम बना करके रखता है जिसे आप और मै इसका लाठउठा कर अपने पेज को रैंक करा सकते है. जैसेÂ
Back link, page ranks, bounce rates, etc.
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On Page SEO कैसे करें?
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1. Meta title:-Â
       आप अपने बà¥à¤²à¥‰à¤— का मेटा टाइटल 55 से 60 के के बीच ही रखें।
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2. Meta Description:-
       आप अपने Blog का डिसà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤¶à¤¨ कà¥à¤› इस तरह से डिजाइन करें कि वह यूजर के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ खोजे गठkeyword का solution कम से कम शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ देकर उसे atrract करें।
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3. image out tag:-
        यदि आप अपने बà¥à¤²à¥‰à¤— में कोई à¤à¥€ image पोसà¥à¤Ÿ करना चाहते हैं तो image के नीचे caption का à¤à¤• box दिया रहता है उसमें आप उस image से संबंधित altetnetive text जरूर लिखें।
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4. Header tags:-
        आपको अपने बà¥à¤²à¥‰à¤— का header à¤à¤¸à¤¾ choose करना है जिससे यूजर को आपके blog का header पढ़ते ही समठआ जाठकी नीचे content में कà¥à¤¯à¤¾ लिखा होगा? या header से related ही लिखा होगा। आप header के लिठh1 h2 h3 का यूज कर सकते हैं। आप अपने blog में कम से कम header रख कर के Subheading का उपयोग जरूर करें इससे पढ़ने वाले को बहà¥à¤¤ ही बढ़िया impact पड़ता है।
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5. Internal links:-
        आप अपने on page SEO के अंतरà¥à¤—त अपने पेज में या blog में इंटरनल लिंकà¥à¤¸ का सपोरà¥à¤Ÿ ले सकते हैं ताकि कोई reader आपके कंटेंट को पढ़ने के साथ-साथ आपके दूसरे इंटरनल लिंकà¥à¤¸ में सà¥à¤µà¤¿à¤š कर सकें।
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6. Anchor text:-
        आप जब à¤à¥€ किसी à¤à¥€ website में blog पढ़ने के लिठजाते हैं , तो किसी link के माधà¥à¤¯à¤® से कोई दूसरा वेबसाइट open होता है उसे Anchor text कहते हैं आप à¤à¥€ अपने बà¥à¤²à¥‰à¤— में Anchor text का यूज जरूर करें।
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7. Url structure:-
         URL का फà¥à¤² फॉरà¥à¤® यूनिफॉरà¥à¤® रिसोरà¥à¤¸ लोकेटर (uniform resource locator) होता है। जिसका use कोई à¤à¥€ perticuler website को address देने के लिठकिया जाता है आपके Blog का url आपके keyword से match होना चाहिà¤à¥¤
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Off Page SEO कैसे करते है ?
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1. Content:-
          Off Page SEO में वे सà¤à¥€ कंटेंट साथ हैं जिसमें या जिससे आपका page rank होने लगता है आपका कंटेंट जितना अचà¥à¤›à¤¾ होगा या unique होगा उतना ही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आपको आपने का seo में rank करने के लिठआपका कंटेंट तैयार होगा|
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2. Guest blogging:-
           गेसà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤—िंग में à¤à¤• बà¥à¤²à¥‰à¤—र अपने बà¥à¤²à¥‰à¤— में या फिर अपने वेबसाइट में किसी दूसरे बà¥à¤²à¥‰à¤—र का वेबसाइट link डालता है, जिससे उस वेबसाइट के traffic को वह किसी दूसरे वेबसाइट के लिंक के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ उसमें टà¥à¤°à¥ˆà¤«à¤¿à¤• बढ़ाता है, तो गेसà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤—िंग à¤à¥€ off page SEO का à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¤¾à¤— है।
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3. Broken links:-
          off page SEO में broken links को जानने से पहले आपको बà¥à¤°à¥‹à¤•à¤¨ लिंकà¥à¤¸ कà¥à¤¯à¤¾ होता है?इसे जानना होगा Broken links किसे कहते हैं? किसी à¤à¥€ वेबसाइट या फिर किसी à¤à¥€ बà¥à¤²à¥‰à¤— में यदि वेबसाइट से संबंधित या URL से संबंधित कोई à¤à¥€ Error हमको दिखाई देता है तो उसे Broken linksकहा जाता है। बà¥à¤°à¥‹à¤•à¤¨ लिंकà¥à¤¸ के बहà¥à¤¤ सारे टाइप à¤à¥€ होते हैं जिसको हम लोग अगले टॉपिक में कà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤° करेंगे मैं आपको बताना चाहता हूं कि Off Page SEO में बà¥à¤°à¥‹à¤•à¤¨ लिंकà¥à¤¸ का किसी à¤à¥€ जगह में सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ नहीं होना चाहिठयदि इसका आपके वेबसाइट में show होता है तो यह आपके लिठबहà¥à¤¤ ही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ Draback है यदि आपके वेबसाइट में बà¥à¤°à¥‹à¤•à¤¨ लिंकà¥à¤¸ दिखाई दे रहा है तो उसे तà¥à¤°à¤‚त ही आप लोग सà¥à¤§à¤¾à¤° कर उस वेबसाइट को डालें नहीं तो आपका वेब पेज रैंक नहीं करेगा।
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4. Long tail keywords :-
           long tail keywords में आपको अपने कीवरà¥à¤¡à¥à¤¸ में à¤à¤• लंबा कीवरà¥à¤¡ डालना है। शॉरà¥à¤Ÿ और लॉनà¥à¤— कीवरà¥à¤¡ आपके कंटेंट को और à¤à¥€ Populer और Searchable बनाà¤à¤—ा, तो धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे आपको अपने keyword में शॉरà¥à¤Ÿ और long tail कीवरà¥à¤¡ का यूज़ हमेशा करना है।
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5. Keywords:-
           keywords के बारे में जानने से पहले हम लोग जानते हैं आखिर यह कीवरà¥à¤¡à¥à¤¸ होता कà¥à¤¯à¤¾ है?और इसका use हम अपने बà¥à¤²à¥‰à¤— में किस तरीके से करते हैं? किवरà¥à¤¡à¥à¤¸ लगाने के फायदे? कीवरà¥à¤¡à¥à¤¸ लगाकर हम ऑफ पेज seo कैसे करें?
आपका जो à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ या पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ होता है उसे आप गूगल में जाकर के टाइप कर देते हैं और यदि हम बात करते हैं Technology के तरीके से तो इसी को हम लोग कीवरà¥à¤¡ कहते हैं। Keywords का शाबà¥à¤¦à¤¿à¤• अरà¥à¤¥ हम कà¥à¤µà¥‡à¤¶à¥à¤šà¤¨ को à¤à¥€ कह सकते हैं जो कà¥à¤µà¥‡à¤¶à¥à¤šà¤¨ आप गूगल में टाइप करते हैं जैसे what is keywords? कीवरà¥à¤¡ कà¥à¤¯à¤¾ है? कीवरà¥à¤¡ का use off page SEO में कैसे करते हैं? यह सब कà¥à¤µà¥‡à¤¶à¥à¤šà¤¨ यदि हम गूगल में लिखते हैं तो वही हमारे लिठकीबोरà¥à¤¡ का काम करता है इसलिठआपको कीवरà¥à¤¡ बहà¥à¤¤ ही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ Searchable words को choose करके रखना है ताकि कोई à¤à¥€ यूजर तà¥à¤°à¤‚त सरà¥à¤š करके आपके बà¥à¤²à¥‰à¤— तक पहà¥à¤‚च जाठलॉनà¥à¤— और शारà¥à¤Ÿ दोनों पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° के कीवरà¥à¤¡ आपको यूज़ करना है
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6. Infographics:-
            Infographics के अंतरà¥à¤—त आप अपने viewer को अपने content में visually image को show कर सकते हैं जिससे अपको यूजर को पेज शेयर और समà¤à¤¾à¤¨à¥‡ में आशानी हो |